Hindi typing Knowledge Day 10

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Hindi typing Knowledge Day 10

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टंकण के कुछ महत्वपूर्ण नियम 

  • हिंदी टंकण में पूर्णविराम(.|), प्रश्नवाचक चिन्ह(?), विस्मय बोधक चिन्ह के शब्द के तुरंत बाद दो स्पेस छोड़ना चाहये|
  • कामा(,) के पहले कोई स्पेस नहीं छोड़ना चाहये तथा बाद में एक स्पेस छोड़ने चाहये|
  • दो शब्दों के बीच यदि डेस (-) आता है तो डेस के पहले या बाद में स्पेस नहीं छोड़ना चाहिए|
  • प्रत्येक paragraph के लिए समान स्थान छोड़ना चाहये |
  • इनवर्टेड कामा (“) का प्रयोग करने के लिए उसके बाद कोई स्पेस नहीं छोड़ना चाहिए उदारण :- “मोहन तुम कब जाओगे?”
  • पूर्णविराम के पूर्व स्पेस नहीं देना चाहये|
  • प्रतिशत(%) चिन्ह के बाद एक स्पेस छोड़ना चाहये|
  • पत्रों में पता लिखने के लिए सिंगल लाइन स्पेस छोड़ना चाहये|
  • पत्र के बॉडी में डबल लाइन स्पेस छोड़ना चाहये|
  • पत्र के लिफाफे पर पता लिखने के लिए डबल लाइन स्पेस छोड़ना चाहये|
  • पत्रों के समापन सूचक शब्द के बाद 3 लाइन स्पेस छोड़ना चाहये|
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टंकण विधियाँ :- 

कुंजीपटल पर उंगलियो के सही संचालन के लिए कुंजीपटल सही से याद होना चाहये ताकि बिना कुंजीपटल को देखे ही सही सही टाइप किया जा सके|

टाइपिंग के दो विधियाँ होती है 

  1. दृश टंकण विधि (sight typing method) :- इस विधि के अनुसार टंकण करने वाला कुंजीपटल तथा टाइपिंग मेटर को देख देख के टाइप करता है| इसमें कुंजीपटल याद रखने और उँगलियों के संचालन का प्रैक्टिस करना जरुरी नहीं होता है| बस देख-देख के लिखना होता है| इस विधि से कोई भी टाइपिंग कर सकता है इसके लिए किसी प्रकार का स्पेशल टंकन ज्ञान का होना जरुरी नहीं होता| इसमें सारे उंगलियों का भी प्रयोग नहीं होता 2-3 ऊँगली से ही टाइप किया जा सकता है| इस विधि से टाइप करने में समय और श्रम दोनों ही ज्यदा लगता है| इसमें बार बार टाइपिंग मेटर को देकने और लिखने के क्रम में कुछ मेटर छुट जाने का भी डर होता है|  इस विधि से टाइपिंग स्पीड भी ज्यदा नहीं हो पता है|
  2. स्पर्श टंकण विधि (Touch Typing Method) :- टाइपिंग करने का यह विधि सबसे सही तथा अच्छा है| इस विधि का सर्वप्रथम उपयोग 1878 में हुआ| इस विधि का अविष्कार अमेरिका के टाइपिंग एक्सपर्ट ” चाल्स मैकगुरियन” ने किया था| इस विधि में कुंजीपटल के सभी स्थान और अक्षरों को याद करना तथा उसका प्रैक्टिस करना बहुत जरुरी है| इस विधि में कुंजीपटल को बिना देखे सही सही टाइप करना होता है, जिससे समय का बचत होता है और श्रम भी कम लगता है| इस विधि में कुंजी पे एक सामान बल लगता है| इस विधि से स्पीड टाइपिंग होती है|

स्ट्रोक काउंटिंग  सिस्टम

  • प्रत्येक अपर केस (with shift key) टाइप करने वाले अक्षर के दो स्ट्रोक्स माने जाते है|
  • प्रत्येक लोवर केस (without shift key) को टाइप करने वाले अक्षर को एक स्ट्रोक माना जाता है|
  • प्रथम पैराग्राफ के लिए TAB Bar दबाने पर कोई स्ट्रोक नहीं गिना जाता है | पहले के बाद जितने बार TAB Bar दबायेंगे उतना स्ट्रोक गिना जायेगा| 1 Tab Bar = 1 stroke
  • 5 स्ट्रोक = 1 शव्द

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